Rajasthan SMC Guidelines | राजस्थान विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) नियम

School Management Committee (SMC) के गठन, सदस्य चयन प्रक्रिया, मासिक बैठक नियम, वित्तीय प्रबंधन, कार्य एवं दायित्व की पूरी जानकारी — RTE Act और NEP 2020 के अनुसार

1. प्रस्तावना — Rajasthan SMC Guidelines क्या है?

शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा राज्य के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के सुचारू संचालन के लिए Rajasthan SMC Guidelines जारी की गई हैं। यह नवीन नियमावली राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और Rajasthan RTE Rules SMC के प्रावधानों के तहत तैयार की गई है, जो राजकीय शिक्षण संस्थानों में सामुदायिक स्वामित्व और पारदर्शिता को मजबूती प्रदान करती है।

⚠️ महत्वपूर्ण: ये नवीन दिशा-निर्देश राजस्थान के सभी सरकारी विद्यालयों (कक्षा 1 से 12) में विद्यालय प्रबंधन समितियों के पुनर्गठन और संचालन को एकीकृत रूप से नियमित करते हैं।

School Management Committee Rajasthan का मुख्य ध्येय विकेंद्रीकृत योजना के माध्यम से सुदूर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक बालक-बालिका को सुरक्षित, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।

"विद्यालय प्रबंधन समिति को शिक्षा के क्षेत्र में जन-भागीदारी का मुख्य स्तंभ बनना चाहिए। शिक्षा में गुणात्मक सुधार समाज के सक्रिय सहयोग से ही संभव है।" — शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार

2. SMC Rajasthan क्या है? (What is School Management Committee?)

SMC Rajasthan (विद्यालय प्रबंधन समिति) प्रत्येक Rajasthan Government School SMC परिसर में गठित एक वैधानिक सामुदायिक शासन निकाय है। यह समिति विद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय समाज के मध्य एक मजबूत सेतु (Bridge) का कार्य करती है।

इसका मूल गठन RTE Act Rajasthan SMC (शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009) की धारा 21 और Rajasthan RTE Rules SMC के वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत अनिवार्य रूप से किया जाता है।

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विद्यालय-समुदाय सेतु

स्कूल और समाज के बीच की दूरी को पाटना तथा स्थानीय जन-भागीदारी को बढ़ाना।

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जवाबदेही सुनिश्चित करना

शिक्षकों, संस्था प्रधानों और स्थानीय विद्यालय बुनियादी विकास की जवाबदेही तय करना।

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वित्तीय पारदर्शिता

सरकारी कंपोजिट स्कूल ग्रांट और अन्य वित्तीय फंड के पारदर्शी उपयोग की निगरानी।

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अभिभावक सशक्तीकरण

ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के माता-पिता को विद्यालय विकास प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बनाना।

SMC का कानूनी आधार

  • RTE Act 2009, धारा 21: प्रत्येक राजकीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में SMC का गठन अनिवार्य।
  • SMC Constitution Rajasthan: समिति की सामान्य सभा और कार्यकारिणी समिति के स्वरूप का निर्धारण।
  • School Development Plan Rajasthan: विद्यालय के विकास हेतु त्रिवर्षीय योजना निर्माण का विधिक अधिकार।

3. SMC Guidelines Rajasthan की प्रमुख विशेषताएँ

एकीकृत संरचना व समरूपता

प्राथमिक स्तरों पर SMC Rajasthan के सफल संचालन के सिद्धांतों को अब माध्यमिक स्तर की SDMC (School Development and Management Committee) के साथ एकीकृत कर प्रशासनिक समन्वय को सुगम बनाया गया है।

✅ सुदृढ़ प्रबंधन: एकरूपता से ब्लॉक और जिला स्तर पर वित्तीय अनुदानों और शिक्षण स्तर की समीक्षा एकसूत्रीय रूप से संभव होती है।

स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं पूर्व छात्रों का समावेश

स्थानीय स्वास्थ्य आवश्यकताओं को जोड़ने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा (ASHA) सहयोगिनी तथा विद्यालय के प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों (Alumni) को विशेष स्थान दिया गया है।

4. SMC का गठन — नियम एवं प्रक्रिया

📅 समय-सीमा: SMC Committee Formation Rajasthan के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ होने के 1 माह के भीतर साधारण सभा की बैठक बुलाकर कार्यकारिणी का पुनर्गठन करना आवश्यक है।

गठन की प्रक्रिया

चरण 1

सार्वजनिक सूचना प्रसार

संस्था प्रधान द्वारा साधारण सभा की बैठक की तिथि व स्थान की पूर्व सूचना नोटिस बोर्ड, विद्यालयी समूहों और ग्राम पंचायत के माध्यम से जारी की जाती है।

चरण 2

SMC Member Election Rajasthan

उपस्थित अभिभावकों की आम सहमति या लोकतांत्रिक ढंग से हाथ उठाकर योग्य सदस्यों का कार्यकारिणी समिति हेतु चयन किया जाता है।

चरण 3

पदाधिकारियों का मनोनयन

चयनित 11 अभिभावक सदस्यों में से आपसी सहमति द्वारा एक 'अध्यक्ष' (President) तथा एक 'उपाध्यक्ष' का निर्वाचन किया जाता है।

5. SMC की संरचना एवं सदस्यता

SMC Constitution Rajasthan (कार्यकारिणी समिति संरचना)

सामान्यतः प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर कार्यकारिणी समिति में कुल 16 सदस्य निर्धारित होते हैं, जिनका विखंडन निम्नानुसार होता है:

सदस्य श्रेणी कुल संख्या अनिवार्य मापदंड
अभिभावक सदस्य (Parents/Guardians) 11 सदस्य कुल संख्या का 75%, अनुपातिक रूप से SC/ST/OBC एवं अल्पसंख्यक
महिला सदस्य (Women Representation) न्यूनतम 8 सदस्य संपूर्ण समिति का न्यूनतम 50% महिला होना विधिक रूप से आवश्यक
पदेन सदस्य सचिव (Member Secretary) 1 सदस्य विद्यालय का संस्था प्रधान / प्रधानाध्यापक (Headmaster)
अन्य मनोनीत प्रतिनिधि 4 सदस्य स्थानीय वार्ड पंच/पार्षद, विद्यालय शिक्षक एवं विधायक प्रतिनिधि
⚠️ ध्यान दें: समिति का अध्यक्ष अनिवार्य रूप से एक गैर-सरकारी व्यक्ति (अभिभावक) ही होगा। विद्यालय का संस्था प्रधान केवल सदस्य सचिव के रूप में कार्यभार संभालेगा।

6. SMC का कार्यकाल

  • SMC की कार्यकारिणी समिति का कार्यकाल सामान्यतः 2 वर्ष निर्धारित होता है।
  • कार्यकाल समाप्ति पर नवीन सत्र के प्रारंभ में समिति का वैधानिक पुनर्गठन आवश्यक है।
  • यदि किसी अभिभावक सदस्य का पाल्य (बच्चा) विद्यालय छोड़ देता है, तो उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त मानी जाएगी।

7. SMC के कार्य एवं दायित्व (School Management Committee Functions)

SMC Roles and Responsibilities के अंतर्गत समिति को विद्यालय के दैनिक एवं रणनीतिक प्रबंधन हेतु व्यापक वैधानिक अधिकार प्रदान किए गए हैं:

मुख्य उत्तरदायित्व क्षेत्र विवरण एवं नियामक भूमिका
भौतिक एवं बुनियादी विकास पेयजल, छात्र-छात्राओं के लिए पृथक शौचालय तथा भवन सुरक्षा सुनिश्चित करना।
SMC Grant Utilization राज्य सरकार द्वारा प्राप्त कंपोजिट ग्रांट (Composite School Grant) के व्यय का अनुमोदन करना।
मिड-डे मील (PM POSHAN) दैनिक पोषाहार की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं मीनू के अनुसार वितरण की नियमित जाँच।
बाल अधिकार एवं सुरक्षा RTE के तहत 6 से 14 वर्ष के बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन एवं ठहराव की निगरानी।

10. वित्तीय प्रबंधन एवं नियम (SMC Financial Rules Rajasthan)

SMC के वित्तीय खातों के संचालन हेतु पारदर्शी नियम बनाए गए हैं ताकि राजकोषीय सहायता का दुरुपयोग न हो सके:

  • संयुक्त बैंक खाता: विद्यालय में प्राप्त होने वाली समस्त राशि केवल 'SMC बैंक खाते' में रखी जाएगी, जिसका संचालन अध्यक्ष एवं सदस्य सचिव के संयुक्त हस्ताक्षरों द्वारा किया जाता है।
  • कैश बुक संधारण: प्रत्येक प्रकार के लेन-देन, बिल, वाउचर और उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) के संधारण की पूर्ण जिम्मेदारी सदस्य सचिव की होती है।
  • पारदर्शिता: व्यय की गई समस्त राशि का विवरण मासिक बैठकों में सदन के सम्मुख प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

12. SMC बैठक के नियम (SMC Meeting Register Rajasthan)

📅 बैठक अंतराल: कार्यकारिणी समिति की बैठक प्रतिमाह कम से कम एक बार (अधिमानतः अमावस्या को) आयोजित करना आवश्यक है।
  • SMC Meeting Register Rajasthan: प्रत्येक बैठक में उपस्थित सदस्यों के हस्ताक्षर, विचार विमर्श के मुख्य बिंदु एवं पारित प्रस्तावों का विवरण बैठक रजिस्टर में अंकित किया जाएगा।
  • न्यूनतम कोरम (Quorum): किसी भी वैधानिक निर्णय या प्रस्ताव को पारित करने के लिए कुल कार्यकारिणी सदस्यों के न्यूनतम 33% (एक-तिहाई) सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य है।

21. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

SMC का अध्यक्ष कौन बन सकता है?
राजस्थान के नियमों के अनुसार विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के माता-पिता या वैध संरक्षकों में से ही लोकतांत्रिक तरीके से अध्यक्ष का चुनाव किया जाता है। कोई भी सरकारी शिक्षक या अधिकारी इसका अध्यक्ष नहीं बन सकता।
क्या बिना कोरम के प्रस्ताव पारित किया जा सकता है?
नहीं, यदि निर्धारित तिथि पर आवश्यक कोरम (एक-तिहाई सदस्य) पूर्ण नहीं होता है, तो बैठक स्थगित कर दी जाती है। आगामी नियत तिथि पर पुन: बैठक बुलाई जाती है।
SMC और SDMC में क्या मुख्य अंतर है?
राजस्थान में कक्षा 1 से 8 तक के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर पर **SMC** कार्य करती है, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्तर पर **SDMC** का गठन किया जाता है। दोनों के प्रशासनिक चैनल और वित्तीय अधिकार भिन्न होते हैं।

23. PDF डाउनलोड एवं आधिकारिक लिंक

📥 SMC Guidelines Rajasthan PDF Download

प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय, राजस्थान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक नियम पुस्तिका एवं दिशा-निर्देश नीचे दिए गए कड़ियों से प्राप्त करें।

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