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सरकारी कार्मिकों को मृत्यु उपरांत मिलने वाले क्लेम एवं सुविधायेँ | Government Employee After Death Benefits

सरकारी कार्मिकों को मृत्यु उपरांत मिलने वाले क्लेम एवं सुविधायेँ

Government Employee After Death Benefits & Anukampa Niyukti Rules

विषय / श्रेणी विस्तृत विवरण, नियम एवं प्रक्रिया
भाग 1: देय वित्तीय क्लेम एवं लाभ
(1) मुख्य विभागीय खाते राज्य बीमा (SI) / जीपीएफ (GPF) / NPS क्लेम। कार्मिक के इन खातों में जमा राशि का भुगतान परिजनों/नॉमिनी को नियमानुसार किया जाता है।
(2) सामूहिक दुर्घटना बीमा (GIS) यदि मृत्यु दुर्घटना में हुई है, तो Group Insurance (GIS) का क्लेम कार्मिक द्वारा दिए गए GPA के प्रस्ताव के अनुसार- ₹3 लाख / ₹10 लाख / ₹20 लाख / ₹30 लाख का क्लेम देय होता है।
(3) शिक्षा विभाग विशेष लाभ यदि मृतक शिक्षा विभाग के कार्मिक हैं, तो हितकारी निधि से ₹1.50 लाख एवं शिक्षक कल्याण से सहायता राशि के रूप में ₹5,000 का क्लेम देय होता है।
(4) कोविड-19 अनुग्रह राशि कोविड-19 की ड्यूटी में संक्रमण से कार्मिक की मृत्यु होने पर ₹50 लाख की अलग से अनुग्रह राशि का क्लेम मिलता है।
इस योजना में राज्य सरकार के समस्त अधिकारी, कर्मचारी, संविदा कर्मचारी एवं मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को भी कवर किया गया है।
(5) पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अवकाश
  • कार्मिक की मृत्यु के बाद नियमानुसार पारिवारिक पेंशन एवं ग्रेच्युटी के भुगतान हेतु पेंशन कुलक (Pension Case) तैयार कर पेंशन विभाग (संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय) को भेजा जाता है।
  • शेष उपार्जित अवकाशों (PL) के नकद भुगतान के लिए बजट आवंटन हेतु परिवार पेंशन कुलक के साथ निर्धारित प्रपत्र में मांग पत्र भेजा जाता है।
(6) बैंक एवं निजी नीतियां
  • सैलरी बैंक A/C पर यदि कोई बीमा पॉलिसी ली हुई है तो उसका क्लेम।
  • वेतन से या निजी स्तर पर कोई बीमा पॉलिसी (जैसे LIC या अन्य) ली हुई है तो उसका क्लेम।
भाग 2: आवश्यक दस्तावेज एवं क्लेम प्रस्तुत करने की प्रक्रिया
आवश्यक अभिलेख (Documents)
  1. हर क्लेम का निर्धारित दावा प्रपत्र (Claim Form)।
  2. कार्मिक का मूल मृत्यु प्रमाण पत्र (Original Death Certificate)
  3. कार्मिक का सेवा समाप्ति आदेश (Death Order)
  4. नॉमिनी के बैंक A/C की छाया प्रति या कैंसिल चेक।
  5. हर दावे के लिए अन्य आवश्यक दस्तावेज एवं शपथ पत्र जो दावा प्रपत्र में अंकित हों।
क्लेम प्रस्तुत करने की प्रक्रिया
  1. DDO के माध्यम से बीमा विभाग को जैसे SI, GPF, NPS आदि के क्लेम ऑनलाइन सबमिट करना। (SSO Portal)
  2. DDO के माध्यम से हितकारी निधि से संबंधित शिक्षक कल्याण कोष के प्रकरण *माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर* को भेजना।
  3. DDO के माध्यम से ही अनुकम्पा नियुक्ति हेतु आवेदन पत्र 90 दिन में तैयार कर भेजना अनिवार्य है।
  4. कोरोना ड्यूटी में संक्रमण से मृत्यु होने पर दावा प्रकरण DDO द्वारा जिला कलेक्टर के माध्यम से HOD को भेजना।
  5. बैंक या LIC के क्लेम बाबत संबंधित ब्रांच से क्लेम फॉर्म प्राप्त कर उसकी पूर्ति कर भिजवाना।
महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश:
  • NPS कार्मिक की डेथ होने पर NPS की राशि समर्पित करने पर ही पारिवारिक पेंशन मिलती है। इन्हें नियमानुसार ग्रेच्युटी का भुगतान भी किया जाता है।
  • मृत्यु के बाद बकाया भुगतान नॉमिनी को होता है, अतः PayManager पर पहले नॉमिनी ऐड करें एवं सब ट्रेजरी या ट्रेजरी से नॉमिनी की बैंक डिटेल्स को पहले अपडेट करावें।
  • SI/GPF/NPS/GIS आदि ऑनलाइन क्लेम से पहले DDO लॉगिन से SIPF पोर्टल पर नॉमिनी की बैंक डिटेल्स (A/C नम्बर, IFSC Code) एवं नॉमिनी का शेयर हिस्सा अपडेट करावें।
भाग 3: राजस्थान अनुकम्पा नियुक्ति नियम 1996 - सवालों का समाधान (FAQs)
प्रश्नोत्तर संख्या 1 से 5
प्रश्न (1): अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आश्रित की परिभाषा बतावे जिसके अनुसार नियुक्ति का आवेदन पत्र तैयार किया जा सके?
उत्तर: अनुकम्पा नियुक्ति नियम 1996 के नियम 2(ग) के अनुसार अनुकम्पा नियुक्ति हेतु आश्रित में कार्मिक की पत्नी/पति, पुत्र, अविवाहित पुत्री (परित्यक्ता पुत्री को भी अविवाहित की श्रेणी में माना जाता है), विधवा पुत्री एवं मृत कर्मचारी द्वारा अपने जीवनकाल में वैधानिक रूप से ग्रहीत दत्तक पुत्र/पुत्री को आश्रित माना जाता है।
नोट (31.05.2016 के अनुसार): मृतक कार्मिक का ऐसा पुत्र, जिसकी पत्नी/पुत्र/अविवाहित पुत्री पूर्व से ही नियोजित है तो उस पुत्र को मृतक कार्मिक आश्रित श्रेणी में नही माना जाएगा। फलतः ऐसे पुत्र को अनुकम्पा नियुक्ति देय नही होगी।
प्रश्न (2): पति एवं पत्नी दोनों राजकीय सेवा में है। जिस मे से पति का देहांत हो चुका है तो क्या उनके दो पुत्रों में से किसी एक को नौकरी मिलेगी?
उत्तर: यदि पति-पत्नी दोनों राजकीय सेवा में है तो पति के देहांत उपरान्त किसी भी आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति नही मिलेगी।
प्रश्न (3): एक कार्मिक प्रोबेशन काल में अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। उनके देहांत के उपरांत आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति देय होगी या नही?
उत्तर: कार्मिक विभाग के आदेश दिनांक 26.04.2011 एवं संशोधन आदेश दिनांक 25/04/2012 के अनुसार प्रोबेशन ट्रेनी को परिवीक्षाकाल में मृत्यु होने पर आश्रित को नियमानुसार अनुकम्पा नियुक्ति का लाभ देय होता है।
प्रश्न (4): एक अविवाहित कार्मिक का देहांत हो चुका है तो क्या उसके भाई को अनुकम्पा नियुक्ति दी जा सकती है? कार्मिक ने अपने भाई को नॉमिनी बनाया हुआ है?
उत्तर: अनुकम्पा नियुक्ति नियम 1996 में भाई या बहिन को मृतक आश्रित की परिभाषा में सम्मिलित नही किया गया है। अतः ऐसे मामलों में अनुकम्पा नियुक्ति तो देय नही होगी लेकिन नॉमिनेशन के अनुसार अन्य परिलाभों का भुगतान नॉमिनी को किया जाएगा।
प्रश्न (5): एक कार्मिक की डेथ हो चुकी है। उनके दो पुत्र है जिसमे से एक पुत्र राजकीय सेवा में लेक्चरर के पद पर कार्यरत है तो क्या दूसरे पुत्र को नौकरी मिल सकती है?
उत्तर: अनुकम्पा नियुक्ति नियम 1996 के नियम 5 के अनुसार कार्मिक की डेथ होने के बाद उसकी पत्नी या पति, कोई एक पुत्र, अविवाहित पुत्री, दत्तक पुत्र या अविवाहित दत्तक पुत्री केंद्र या राज्य सरकार अथवा कानूनी बोर्ड, संगठन, निगम में पहले से नियोजित है तो किसी आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति देय नही होगी। परन्तु जहां कार्मिक की विधवा पत्नी स्वयं के लिए अनुकम्पा नियुक्ति का आवेदन करती है तो उसे अनुकम्पा नियुक्ति दी जाएगी। उस पर यह शर्ते लागू नही होगी।
प्रश्नोत्तर संख्या 6 से 10
प्रश्न (6): एक कार्मिक की डेथ हो चुकी है। उसके 10 वर्ष का नाबालिग पुत्र है। कार्मिक की पत्नी पुत्र को बालिग होने पर नौकरी लगवाना चाहती है। क्या ऐसा हो सकता है?
उत्तर: अनुकम्पा नियुक्ति नियम 1996 के नियम 8 के अनुसार - (1) आवेदन हेतु न्यूनतम 16 वर्ष व अधिकतम 40 वर्ष निर्धारित है। (2) किसी विधवा की नियुक्ति हेतु कोई ऊपरी आयु सीमा नही है। (3) अन्य आश्रितों के लिए अधिकतम ऊपरी सीमा में 5 वर्ष शिथिलन देय होता है। नाबालिग आश्रित के आयु में शिथिलन राज्य सरकार द्वारा ही दिया जाता है। अतः इस हेतु निर्धारित समय सीमा में सम्बन्धित प्रशासनिक विभाग द्वारा कार्मिक विभाग को प्रकरण भेजा जाता है।
प्रश्न (7): एक कार्मिक की डेथ हो चुकी है और अभी लॉक डाउन लगा हुआ है तो कब तक अनुकम्पा नियुक्ति का आवेदन भर कर देना होगा?
उत्तर: अनुकम्पा नियुक्ति हेतु आवेदन पत्र जमा करवाने के लिए 90 दिन की समय सीमा निर्धारित है। अतः मृतक आश्रित को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आवेदन पत्र अपने कार्यालयाध्यक्ष के पास अवश्य जमा करवा देना चाहिए और आवेदन की पावती भी प्राप्त कर लेनी चाहिए।
प्रश्न (8): जलदाय विभाग में एक कार्मिक वर्क चार्ज पर कार्यरत थे उनकी डेथ हो चुकी है। क्या उनके किसी आश्रित को नोकरी लग सकती है?
उत्तर: वित्त विभाग के आदेश 19/09/2003 के अनुसार वर्क चार्ज कार्मिक की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को भी नियमानुसार अनुकम्पा नियुक्ति देय होती है।
प्रश्न (9): अनुकम्पा नियुक्ति हेतु निर्धारित योग्यता के बारे में बतावे?
उत्तर:
(1) कनिष्ठ सहायक (LDC) पद (L-5) के लिए: शैक्षणिक योग्यता सीनियर सेकण्डरी उत्तीर्ण एवं कम्प्यूटर कोर्स उत्तीर्ण होना जरूरी है। हालांकि कम्प्यूटर कोर्स बाद में 2 वर्ष के परीविक्षाकाल मे भी उतीर्ण किया जा सकता है। कंप्यूटर योग्यता निर्धारित अवधि में प्राप्त नही करने पर (आदेश 02.01.2017) कार्मिक जितनी विलम्ब अवधि से योग्यता अर्जित करेगा उतनी ही अवधि के लिए परिवीक्षाकाल को आगे बढ़ाया जाएगा एवं टंकण परीक्षा उत्तीर्ण नही होने तक कोई वेतनवृद्धि नही दी जाएगी। (विधवा महिला एवं निःशक्त कार्मिको को टंकण परीक्षा से छूट है, परन्तु पैरों से विकलांग कार्मिक को टंकण परीक्षा में छूट देय नही है)।
(2) प्रयोगशाला सहायक (L-8) के लिए: विज्ञान या कृषि संकाय से सीनीयर सेकण्डरी पास आश्रित आवेदन कर सकते है।
(3) चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (L-1) के लिए: साक्षर होना आवश्यक है।
प्रश्न (10): एक कार्मिक की डेथ हो चुकी है। उनका एक पुत्र BEd किया हुआ है। क्या उसे अध्यापक पद पर अनुकम्पा नियुक्ति मिल सकती है?
उत्तर: कार्मिक विभाग की अधिसूचना दिनांक 02.08.2001 एवं 25.04.2012 के अनुसार यदि किसी कार्मिक की अपने **पदीय कर्तव्यों के पालन के दौरान (On Duty)** निधन हो जाता है तो उसके आश्रित को अर्हक योग्यता होने पर (आदेश 03.07.2019 के अनुसार) पेमेट्रिक L-10 और L-11 (ग्रेड पे 3600 एवं 4200) में नियुक्ति दी जा सकती है। सामान्य प्रकरणों में अनुकम्पा नियुक्ति कनिष्ठ सहायक, प्रयोगशाला सहायक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर ही दी जाती है।
प्रश्नोत्तर संख्या 11 से 14
प्रश्न (11): एक मृत कार्मिक के आश्रित विवाहित पुत्र के दो से अधिक संतान है क्या उनको अनुकम्पा नियुक्ति मिल जाएगी?
उत्तर: किसी विवाहित आश्रित के 2 से अधिक संतान होने पर वह अनुकम्पा नियुक्ति के लिए पात्र नही होगा। आश्रित को इस आशय का शपथ पत्र आवेदन पत्र के साथ देना अनिवार्य है। वित्त विभाग के आदेश 29/10/2005 के अनुसार 2 से अधिक संतान का नियम मृतक की विधवा की स्वयं की नियुक्ति के मामले पर लागू नही होगा।
प्रश्न (12): हमारे विद्यालय में कार्यरत पंचायत सहायक की मृत्यु हो गई है तो उसके आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति मिलेगी या नही?
उत्तर: पंचायत सहायक राज्य सरकार के नियमित कार्मिक की श्रेणी में नही आते है। अतः इनके आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति देने का कोई प्रावधान नही है।
प्रश्न (13): मेरी नियुक्ति अनुकम्पा के तहत कनिष्ठ सहायक पद पर हुई है जबकि मैं प्रयोगशाला सहायक की अर्हक योग्यता रखता हूँ। क्या अब मुझे प्रयोगशाला सहायक पद पर अनुकम्पा नियुक्ति का लाभ मिल सकता है?
उत्तर: अनुकम्पा नियुक्ति नियम 1996 के अनुसार किसी पद पर एक बार नियुक्ति स्वीकार कर लेने एवं कार्यग्रहण कर लेने के बाद आश्रित सुविधा का उपभोग मान लिया जाता है। एक बार उक्त सुविधा का लाभ ले लेने के पश्चात किसी भी परिस्थिति में अन्य पद पर नियुक्ति के लिए विचार नही किया जाएगा।
प्रश्न (14): अनुकम्पा आवेदन के साथ किन किन दस्तावेजो को संलग्न करना है?
उत्तर: निर्धारित आवेदन पत्र पूर्ण भरा हुआ, परिवार में किसी के भी सरकारी सेवा में न होने का प्रमाणपत्र, अभ्यर्थी के शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र, आवेदक के जाति/मूल निवासी/विवाह/चरित्र प्रमाणपत्र, जन्मतिथि हेतु आयु प्रमाणपत्र, विवाह के समय दहेज नही लेने का नोटेराइज्ड शपथपत्र, धूम्रपान एवं गुटखा सेवन नही करने का नोटेराइज्ड शपथपत्र, आवेदक का स्वास्थ्य एवं पुलिस सत्यापन प्रमाणपत्र, मृतक कार्मिक का मृत्यु प्रमाणपत्र एवं सेवा समाप्ति आदेश की प्रतिलिपि, आश्रित सदस्यों का नोटरी युक्त सहमति पत्र, आश्रित सदस्यों के भरण पोषण का नोटेराइज्ड शपथ पत्र, मृत कार्मिक की सेवा नियमित एवं निरन्तरता संबंधित प्रमाणपत्र, कार्यालयाध्यक्ष का अनुशंषा प्रमाणपत्र, आश्रित सदस्यों का आय उद्घोषणा पत्र, आवेदक पुत्री होने पर अविवाहित होने का प्रमाणपत्र, आवेदक पति/पत्नी है तो पुनः विवाह नही करने का प्रमाणपत्र आदि।

नोट (Disclaimer): यह पोस्ट सामान्य जानकारी देने के उद्देश्य से बनाई गई है। विस्तृत एवं विधिक तकनीकी जानकारी के लिए अनुकम्पा नियुक्ति नियम 1996 तथा कार्मिक व वित्त विभाग राजस्थान सरकार द्वारा समय-समय पर जारी मूल अधिसूचनाओं का ही अध्ययन कर अपना आवेदन पत्र तैयार करे।

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Parmanand Meghwal

Parmanand Meghwal (Admin)