राजस्थान सरकार के वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांक F.15(1)FD/Rules/2017 Pt. दिनांक 06.10.2023 के अंतर्गत परिवर्द्धित सुनिश्चित करियर प्रगति योजना (MACP) से संबंधित संशोधित निर्देशों का सारांश नीचे दिया गया है। इन नियमों को राजस्थान सिविल सेवा (संशोधित वेतन) (पांचवा संशोधन) नियम 2023 कहा जाएगा और यह 01.04.2023 से प्रभावी माने जाएंगे।


MACP योजना की मुख्य बातें और पात्रता

  • पात्र कर्मचारी: यह योजना राज्य सरकार के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, मंत्रालयिक कर्मचारी, अधीनस्थ सेवा, राज्य सेवा और एकल (आइसोलेटेड) पदों पर कार्यरत उन समस्त कर्मचारियों पर लागू होगी जो पे लेवल 20 से अधिक में वेतन प्राप्त नहीं कर रहे हैं।
  • किन्हें लाभ नहीं मिलेगा: लेवल 20 से ऊपर वेतन पा रहे अधिकारियों, राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के राज्य सेवा अधिकारियों और चिकित्सा शिक्षा सेवा के उन अधिकारियों पर यह लागू नहीं होगी जो DACP (Dynamic Assured Career Progression Scheme) के पात्र हैं।
  • समय अवधि: प्रथम, द्वितीय और तृतीय वित्तीय उन्नयन राजकीय सेवा में नियमित नियुक्ति तिथि से क्रमशः 9, 18 और 27 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर देय होगा।
  • कुल वित्तीय उन्नयन: यदि कोई कर्मचारी एक संवर्ग से दूसरे संवर्ग में पदोन्नत होता है, तो भी संपूर्ण सेवाकाल में चयनित वेतनमान/एसीपी/पदोन्नति/एमएसीपी को मिलाकर कुल 3 वित्तीय उन्नयन ही देय होंगे। जो कार्मिक पहले ही 3 वित्तीय उन्नयन का लाभ ले चुके हैं, वे इसके पात्र नहीं होंगे।

01 अप्रैल 2023 को पुनः वेतन निर्धारण का तरीका

यदि 01.04.2023 को किसी कर्मचारी को मिल रहा वर्तमान एसीपी पे-लेवल, देय एमएसीपी पे-लेवल से कम है, तो देय एमएसीपी के अंतर्गत समान वेतन सेल पर पुनः वेतन निर्धारण किया जाएगा। यदि समान सेल उपलब्ध नहीं है, तो उसके ठीक बाद वाले अगले सेल पर निर्धारण होगा।

उदाहरण: यदि एक अध्यापक 27 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुका है और 01.04.2023 को उसका पूर्व निर्धारित वेतन लेवल-13 में मूल वेतन ₹71,300/- था, तो एमएसीपी के तहत नए नियमों में उसका पुनर्निर्धारित वेतन लेवल-14 में मूल वेतन ₹73,200/- हो जाएगा।

संवर्ग के अनुसार पे-लेवल निर्धारण के नियम

1. चतुर्थ श्रेणी / मंत्रालयिक / अधीनस्थ सेवा के लिए (नियम 14 (3))

  • प्रथम एमएसीपी: उसी सेवा कैडर में अगले पदोन्नति पद का पे-लेवल दिया जाएगा।
  • द्वितीय एमएसीपी: सेवा संवर्ग में उपलब्ध द्वितीय पदोन्नति का पे-लेवल देय होगा।
  • तृतीय एमएसीपी: सेवा संवर्ग में उपलब्ध तृतीय पदोन्नति पद का पे-लेवल देय होगा।
  • अपवाद/विशेष परिस्थिति: यदि कैडर में अगला पदोन्नति पद उपलब्ध नहीं है, कर्मचारी के पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता नहीं है, या वह एकल पद है, तो उप-नियम [5] की तालिका के अनुसार पे-लेवल दिया जाएगा। साथ ही, द्वितीय व तृतीय एमएसीपी में पदोन्नति पद का पे-लेवल 14 से ऊपर होने पर भी यही उप-नियम लागू होगा।

2. राज्य सेवा में सीधी भर्ती वाले कर्मचारियों के लिए

  • 9, 18 और 27 वर्ष पूर्ण करने पर क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय पदोन्नति पद का पे-लेवल दिया जाएगा।
  • यदि पदोन्नति का पे-लेवल वर्तमान धारित पद से तीन लेवल से अधिक ऊपर है, तो वर्तमान पे-लेवल से आगामी तीसरा पे-लेवल ही अनुज्ञात होगा। यह अधिकतम पे-लेवल 20 तक सीमित रहेगा।

3. राजपत्रित (Gazetted) अधिकारियों के लिए

संशोधित नियमों के अनुसार पूर्ववर्ती नियम 15 (जो राजपत्रित अधिकारियों की एसीपी से संबंधित था) को हटा दिया गया है। अब राजपत्रित अधिकारियों को भी नियम 14 के तहत 9, 18 व 27 वर्ष की सेवा पर एमएसीपी का लाभ मिलेगा।


Isolated (एकल) या पदोन्नति विहीन पदों के लिए एमएसीपी पे-लेवल तालिका [नियम 14(5)]

यदि समान संवर्ग में पदोन्नति का कोई पद नहीं है, योग्यता नहीं है या पद एकल (Isolated) है, तो वित्तीय उन्नयन नीचे दी गई तालिका के अनुसार होगा:

वर्तमान पे-लेवल एमएसीपी के तहत देय पे-लेवल
लेवल-1 लेवल-2
लेवल-2 लेवल-3
लेवल-3 लेवल-4
लेवल-4 लेवल-5
लेवल-5, 6 एवं 7 लेवल-8
लेवल-8 एवं 9 लेवल-10
लेवल-10 (i) लेवल-12 (यदि अगला पद राजपत्रित हो)
(ii) लेवल-11 (अन्य मामलों में)
लेवल-11 लेवल-12
लेवल-12 लेवल-14
लेवल-13 व 14 लेवल-15
लेवल-15 लेवल-16
लेवल-16 लेवल-17
लेवल-17 लेवल-18
लेवल-18 लेवल-19
लेवल-19 लेवल-20

महत्वपूर्ण नियम एवं प्रक्रियाएं

  • सेवा अवधि की गणना और अवकाश: नियमित सेवा की गणना सीधी भर्ती नियमों के तहत नियमित नियुक्ति तिथि से होगी। प्रोबेशनर ट्रेनी अवधि में की गई बढ़ोतरी को छोड़कर, चिकित्सा या बिना चिकित्सा प्रमाण पत्र के लिया गया असाधारण अवकाश (यदि प्रोबेशन काल में 30 दिन तक का असाधारण अवकाश है) एमएसीपी के लिए गिना जाएगा। यदि 30 दिन से अधिक का अवकाश होने पर प्रोबेशन बढ़ता है, तो बढ़ी हुई अवधि की गणना नहीं होगी।
  • विकल्प फॉर्म (Option) प्रस्तुत करना: पात्र कर्मचारियों को इन नियमों के राजपत्र में प्रकाशन के तीन माह के भीतर विद्यमान एसीपी या नई एमएसीपी में से जो भी उनके लिए लाभप्रद हो, उसे चुनने का लिखित विकल्प देना होगा। एक बार दिया गया विकल्प अंतिम माना जाएगा।
  • वेतन निर्धारण की प्रक्रिया: वित्तीय उन्नयन होने पर वर्तमान पे-लेवल में एक वेतन वृद्धि (Increment) दी जाएगी और उसके बाद आने वाले वेतन को एमएसीपी के अगले पे-लेवल के ठीक आगे वाले सेल में निर्धारित किया जाएगा।
  • सक्षम प्राधिकारी: कर्मचारी के पद पर नियुक्ति के लिए जो अधिकारी सक्षम है, वही एमएसीपी की स्वीकृति देने के लिए भी सक्षम होगा।

नोट: विस्तृत दिशा-निर्देशों और पूर्ण तकनीकी सटीकता के लिए राजस्थान सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम 2017 की अनुसूची-VI तथा वित्त विभाग की मूल अधिसूचना दिनांक 06.10.2023 का अवलोकन अवश्य करें।